1- गंगा जी, तुलसी और गौ पृथ्वी छोड़कर चली जाएंगी।
2- मनुष्यों की अधिकतम आयु 20 वर्ष हो जाएगी, स्त्रियां 5 वर्ष की आयु में गर्भवती होंगी, 16 वर्ष की आयु में लोग वृद्ध हो जाएंगे।

3- गौएं भी बकरियों की तरह छोटी छोटी और कम दूध देने वाली हो जाएगी।.
4- अन्न उगना बंद हो जाएगा, लोग मांस मछली खांएंगे और बकरी भेड़ का दूध पीएंगे।
5- स्त्रीयां पतिव्रता बनकर नहीं रहेंगी बल्कि उसके साथ रहेंगी जो धनवान होगा।
6- जुआ, शराब, परस्त्रिगमन और हिंसा ही पुरुषों का धर्म रह जाएगा।
7- –ज्यों घोर कलयुग आता जाएगा, त्यों–त्यों उत्तरोत्तर धर्म, सत्य, पवित्रता, क्षमा, दया, आयु, बल और स्मरणशक्ति का लोप होता जाएगा
8- देवताओं के लिए कोई भी मनुष्य जप , तप , नियम नहीं अपनाएगा इससे देवता लोगों से रुष्ट हो जाएंगे और पानी बरसना बंद हो जाएगा।
9- तारों की ज्योति फीकी पड़ जाएगी, दसों दिशाएं विपरीत होंगी। पुत्र पिता को तथा बहुएं सास को काम करने भेजेंगी
10- सभी प्राणी दुराचारी, लूट खसोट करने वाले, नास्तिक, हत्यारे, कामी और क्रोधी हो जाएंगे।
अभी कलयुग का पहला चरण चल रहा है और गंगा जी भी पृथ्वी पर प्रवाहित हो रही हैं । कलयुग की आयु 4,26,000 वर्ष मानी गई है, अभी लगभग 5100 वर्ष बीत चुके हैं। कलयुग के अंत में धर्म की स्थापना करने और पापियों का सर्वनाश करने के लिए भगवान कल्कि का अंतिम अवतार होगा।
भगवान श्री कल्कि निष्कलंक अवतार हैं। भगवान कल्कि के पिता भगवान विष्णु के भक्त होंगे, साथ में वह वेदों और पुराणों के ज्ञाता होंगे। उनके पिता का नाम विष्णुयश और माता का नाम सुमति होगा। रामावतार के समान ही कल्कि अवतार में भी भगवान चार भाई होंगे इनके अन्य तीन भाइयों के नाम होंगे सुमन्त, प्राज्ञ और कवि। अपने इन्हीं भाइयों के साथ मिलकर भगवान धर्म की स्थापना करेंगे।
भगवान कल्किजी के याज्ञवलक्य जी पुरोहित और भगवान परशुराम उनके गुरु होंगे। उनकी दो पत्नियां होंगी। उनकी पहली पत्नी का नाम लक्ष्मी रूपी पद्मा और दूसरी पत्नी का नाम वैष्णवी शक्ति रूपी रमा होंगी। देवी वैष्णवी यानी माता वैष्णो देवी जो रामावतार के समय से भगवान से विवाह से लिए तपस्या कर रही हैं उनकी तपस्या कल्कि भगवान पूर्ण करेंगे और उनसे विवाह करेंगे। उनके पुत्र होंगे– जय, विजय, मेघमाल तथा बलाहक।
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