हिदु धर्म में पीपल का पेड़ बहुत महत्व माना गया है। शास्त्रों के अनुसार इस वृक्ष में सभी देवी-देवताओं और हमारे पितरों का वास भी माना गया है। पीपल वस्तुत: भगवान विष्णु का जीवन्त और पूर्णत:मूर्तिमान स्वरूप ही है। भगवान श्रीकृष्ण ने भी कहा है की वृक्षों में मैं पीपल हूँ।
कहते है पीपल से बड़ा मित्र कोई भी नहीं है, जब आपके सभी रास्ते बंद हो जाएँ, आप चारो ओर से अपने को परेशानियों से घिरा हुआ समझे, आपकी परछांई भी आपका साथ ना दे, हर काम बिगड़ रहे हो तो आप पीपल के शरण में चले जाएँ, उनकी पूजा अर्चना करे , उनसे मदद की याचना करें निसंदेह कुछ ही समय में आपके घोर से घोर कष्ट दूर जो जायेंगे।
धर्म शास्त्रों के अनुसार हर व्यक्ति को जीवन में पीपल का पेड़ अवश्य ही लगाना चाहिए । पीपल का पौधा लगाने वाले व्यक्ति को जीवन में किसी भी प्रकार संकट नहीं रहता है। पीपल का पौधा लगाने के बाद उसे रविवार को छोड़कर नियमित रूप से जल भी अवश्य ही अर्पित करना चाहिए। जैसे-जैसे यह वृक्ष बढ़ेगा आपके घर में सुख-समृद्धि भी बढ़ती जाएगी। पीपल का पेड़ लगाने के बाद बड़े होने तक इसका पूरा ध्यान भी अवश्य ही रखना चाहिए, लेकिन ध्यान रहे कि पीपल को आप अपने घर से दूर लगाएं, घर पर पीपल की छाया भी नहीं पड़नी चाहिए।
peepal का पेड़ चमत्कारी उपाय
- मान्यता है कि यदि कोई व्यक्ति peepal के वृक्ष के नीचे शिवलिंग स्थापित करता है तो उसके जीवन से बड़ी से बड़ी परेशानियां भी दूर हो जाती है। peepal के नीचे शिवलिंग स्थापित करके उसकी नित्य पूजा भी अवश्य ही करनी चाहिए। इस उपाय से जातक को सभी भौतिक सुख सुविधाओं की प्राप्ति होती है।
- रविवार को छोड़कर नित्य हनुमान चालीसा का पाठ किया जाए तो यह चमत्कारी फल प्रदान करने वाला उपाय है।
- peepal को विष्णु भगवान से वरदान प्राप्त है कि जो व्यक्ति शनिवार को peepal की पूजा करेगा, उस पर लक्ष्मी की अपार कृपा रहेगी और उसके घर का ऐश्वर्य कभी नष्ट नहीं होगा।
- जो मनुष्य peepal के वृक्ष को देखकर प्रणाम करता है, उसकी आयु बढ़ती है
- जो इसके नीचे बैठकर धर्म-कर्म करता है, उसका कार्य पूर्ण हो जाता है।
शनि दोष में पीपल का पेड़ उपाय
- साढ़ेसाती और ढैय्या के बुरे प्रभावों को दूर करने के लिए शनिवार को पीपल की पूजा श्रेष्ठ उपाय है।
- यदि रोज (रविवार को छोड़कर) peepal पर पश्चिममुखी होकर जल चढ़ाया जाए तो शनि दोष की शांति होती है l
- शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से peepal के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे
- शनिवार के दिन peepal के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय।’ का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है।
- हर शनिवार को pipal की जड़ में जल चढ़ाने और दीपक जलाने से अनेक प्रकार के कष्टों का निवारण होता है ।
ग्रहों के दोषों में पीपल के उपाय
- ज्योतिष शास्त्र में pipal से जुड़े हुए कई आसान किन्तु अचूक उपाय बताए गए हैं,
- इन उपायों को करने के लिए हमको अपनी किसी ज्योतिष से कुंडली का अध्ययन करवाने की भी आवश्यकता नहीं है।
- पीपल का पेड़ रोपने और उसकी सेवा करने से पितृ दोष में कमी होती है ।
- शास्त्रों के अनुसार peepal के पेड़ की सेवा पितृ दोष वरन जीवन के सभी परेशानियाँ स्वत: कम होती जाती है
- पीपल में प्रतिदिन जल अर्पित करने से कुंडली के समस्त अशुभ ग्रह योगों का प्रभाव समाप्त हो जाता है।
- पीपल की परिक्रमा से कालसर्प जैसे ग्रह योग के बुरे प्रभावों से भी छुटकारा मिल जाता है।
असाध्य रोगो में पीपल के उपाय
- पीपल की सेवा से असाध्य से असाध्य रोगो में भी चमत्कारी लाभ होता देखा गया है ।
- पीपल की सेवा करके अपने बाएं हाथ से उसकी जड़ छूकर उनसे अपने रोगो को दूर करने की प्रार्थना करें
- बीमार व्यक्ति का रोग ठीक ना हो उसके तकिये नीचे पीपल की जड़ रखने से बीमारी जल्दी ठीक होती है
- निसंतान दंपती संतान प्राप्ति हेतु peepal के एक पत्ते को प्रतिदिन सुबह लगभग एक घंटे पानी में रखे, बाद में उस पत्ते को पानी से निकालकर किसी पेड़ के नीचे रख दें और पति-पत्नी उस जल का सेवन करें तो शीघ्र संतान प्राप्त होती है ऐसा लगभग 2-3 माह तक लगातार करना चाहिये।
peepal के वृक्ष को काटना
- जो मूर्ख मनुष्य peepal के वृक्ष को काटता है, उसे इस पाप से छूटने का कोई उपाय नहीं है।
- हर रविवार पीपल के नीचे दरिद्रा का वास होता है। इस दिन पूजा वर्जित मानी जाती है
- यदि peepal के वृक्ष को काटना बहुत जरूरी हो तो उसे रविवार को ही काटा जा सकता है।
credit-Rampal Bhatt
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