Govardhan Puja 2025 Date & Time: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व

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Govardhan Puja 2025 Date & Time: शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व

By admin

September 03, 2025

भारत में हर त्योहार का अपना विशेष महत्व है, और दीपावली के अगले दिन मनाया जाने वाला गोवर्धन पूजा भी उनमें से एक है। यह पर्व भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और गोवर्धन पर्वत की पूजा का प्रतीक है। इस दिन गोबर से गोवर्धन पर्वत की प्रतिमा बनाई जाती है और अन्नकूट का भोग लगाकर श्रीकृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। Govardhan Puja 2025 Date (28 अक्टूबर 2025) को पूरे भारतवर्ष में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। यह पर्व हमें सिखाता है कि प्रकृति और अन्न का सम्मान करना चाहिए, क्योंकि यही हमारे जीवन का आधार हैं। आइए विस्तार से जानते हैं – गोवर्धन पूजा 2025 की तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व।

गोवर्धन पूजा 2025 तिथि और समय (Govardhan Puja 2025 date and time)

पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को गोवर्धन पूजा की जाती है। वर्ष 2025 में यह पर्व 22 अक्टूबर 2025, मंगलवार को मनाया जाएगा। यह दिन दीपावली के दूसरे दिन आता है, जिसे अन्नकूट पर्व भी कहा जाता है।

Govardhan Puja 2025 Date हर साल बदलती रहती है, लेकिन यह दीपावली के अगले ही दिन होती है।

गोवर्धन पूजा 2025 शुभ मुहूर्त (Govardhan Puja 2025 Subh muhurat)

पूजा के लिए शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व है। इस दिन का पूजन प्रातःकाल से लेकर मध्याह्न तक श्रेष्ठ माना जाता है।

यदि आप शुभ मुहूर्त में पूजा करेंगे तो फल अधिक मिलेगा और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होगी।

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गोवर्धन पूजा 2025 पूजा विधि (Govardhan Puja 2025 Puja Vidhi)

गोवर्धन पूजा की विधि में मुख्य रूप से गोबर से गोवर्धन पर्वत की प्रतिमा बनाना और उसकी विधिवत पूजा करना शामिल है।

  1. प्रातः स्नान कर घर और आंगन को स्वच्छ करें।
  2. आंगन में गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएं।
  3. पर्वत को फूलों, अक्षत, जल और दीपक से सजाएं।
  4. विभिन्न प्रकार के भोजन (अन्नकूट) बनाकर भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित करें।
  5. परिवार सहित गोवर्धन की आरती करें।
  6. अंत में प्रसाद के रूप में अन्नकूट सबमें बांटें।

यह पूजा विधि करने से घर में समृद्धि और शांति बनी रहती है।

गोवर्धन पूजा 2025 पर क्या करें? (What to do on Govardhan Puja 2025)

इन सभी कार्यों से पूजा का फल पूर्ण होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

Govardhan Puja 2025 Date पर ये उपाय करना विशेष फलदायी होगा।

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गोवर्धन पूजा का अर्थ (Govardhan Puja meaning)

गोवर्धन पूजा का अर्थ है प्रकृति, पर्वत और अन्न की आराधना करना। भगवान श्रीकृष्ण ने जब इंद्रदेव के घमंड को तोड़ा और गोवर्धन पर्वत उठाकर गोकुलवासियों की रक्षा की, तभी से यह परंपरा चली आ रही है।

यह पर्व हमें याद दिलाता है कि प्रकृति के बिना जीवन असंभव है। इसलिए हमें अन्न, जल और पर्यावरण का संरक्षण करना चाहिए।

गोवर्धन पूजा क्या है? (What is Govardhan Puja)

गोवर्धन पूजा, जिसे अन्नकूट पर्व भी कहा जाता है, दीपावली के अगले दिन मनाया जाता है।

इसका मुख्य उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और गोवर्धन पर्वत के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना है।

कहानी के अनुसार, जब इंद्रदेव ने गोकुल में भारी वर्षा की, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर सभी गांववासियों की रक्षा की। उसी घटना की स्मृति में गोवर्धन पूजा का आयोजन किया जाता है।

यह पर्व हमें भक्ति, साहस और सामूहिकता का संदेश देता है।

निष्कर्ष

Govardhan Puja 2025 Date (22 अक्टूबर 2025) को पूरे भारत में श्रद्धा और भक्ति के साथ यह पर्व मनाया जाएगा। यह न केवल भगवान श्रीकृष्ण की पूजा का अवसर है, बल्कि यह पर्व प्रकृति और अन्न की महत्ता का भी बोध कराता है। श्रद्धापूर्वक की गई यह पूजा परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करती है।

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